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शनिवार, 10 अप्रैल 2010

क्या अकबर पढ़ा-लिखा नहीं था ?



छोटी आयु में राज्य की जिम्मेदारियां सँभालने के कारण अकबर पढाई नहीं कर पाया था । आश्चर्यजनक तथ्य यह है की उसे न तो लिखना आता था और ना ही पढना आता था । पढना-लिखना ना आने के बावजूद भी वह परिस्थितियों से अंजान नहीं था । ज्ञान के रूप में उसने जो कुछ भी प्राप्त किया केवल सुनकर ही प्राप्त किया । वह बड़े-बड़े दार्शनिकों, मुल्ला-मौलवियों के साथ बैठकर चर्चा किया करता था . इसके लिए अकबर ने इबादतखाना बनवाया था .

7 टिप्‍पणियां:

  1. ब्‍लाग जगत में आपका हार्दिक स्‍वागत एवं अभिनन्‍दन
    हिन्‍दी ब्‍लाग लेखन के लिये हार्दिक बधाई।

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  2. सर्वप्रथम आपक स्वागत है आधुनिक साहित्यजगत में. अकबर बहुत प्रतिभाशाली था . वो इंसानीयत को अच्छी तरह से समझता था. उसने अपने दरबार में हर तरह के विद्वानों को रखा और उनके साथ मिलकर अब तक का सर्वश्रेष्ट शासक सिद्ध हुआ है.
    www.nareshnashaad.blogspot.com

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  3. बहुत अच्छी जानकारी

    http://mydunali.blogspot.com/

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  4. हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है.

    -राजीव भरोल

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  5. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  6. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

    कलम के पुजारी अगर सो गये तो

    ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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